श्री पी एस एम पब्लिक स्कूल देहलां जिला ऊना (हि.प्र.)की प्रबंधन समिति ने विज्ञान एवं तकनीकी, व्यावसायिक, वन्य जीवन तथा सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच उत्पन्न करने के उद्देश्य से शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया।
विज्ञान, तकनीकी, व्यावसायिक एवं वन्य जीवन आदि की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण से लौटने पर विद्यालय के संचालक प्रबंधक डॉ. हर्षवर्द्धन सिंह ने विद्यार्थियों व स्टाफ सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण जिन्हें फील्ड ट्रिप के तौर पर भी जाना जाता है, जोकि सीखने व सीखाने की प्रक्रिया का अभिन्न अंग है। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कक्षाओं के बाहर लेकर जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ताकि वह नई जगहों, नई संस्कृतियों व नए लोगों से मिलकर अनुभव प्राप्त कर सकें। डॉ. हर्षवर्द्धन सिंह की बातों का विस्तार करते हुए विद्यालय की सह संचालिका श्रीमती वंदना सिंह ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण कई उद्देश्यों की पूर्ति करता है, जिससे कक्षा में बच्चों के सीखने की क्षमता को बढ़ाना, सामाजिक व भावनात्मक, एवं वास्तविक जीवन को शिक्षा से परिचित कराना शामिल है। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती तमन्ना शर्मा ने कहा की शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य कक्षा में सीखने की प्रक्रिया को बढ़ाना है। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कक्षा में बताई गई चीजों को देखने, छूने व उनका अनुभव करने का अवसर मिलता है।
उदाहरण के लिए किसी संग्रहालय, आर्ट गैलरी, चिड़ियाघर व ऐतिहासिक इमारतों की यात्रा छात्रों को कला, इतिहास, संस्कृति, वन्य जीवन आदि की बेहतर समझ दे सकती है। इसके अलावा शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के संदर्भ में विषयों का अनुभव करने की अनुमति देता है । जिससे विद्यार्थी कक्षा में सीखी गई अवधारणाओं को वास्तविक दुनिया में कैसे लागू किया जाता है को सीख सकें। विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती मीनाक्षी जसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम अमिटी यूनिवर्सिटी मोहाली पंजाब का दौरा किया। जहाँ एमिटी यूनिवर्सिटी के एडमिशन डिपार्टमेंट के सीनियर मैनेजर श्री सुनील सैणी जी ने बच्चों का गर्म जोशी के साथ स्वागत किया व यूनिवर्सिटी प्रांगण का भ्रमण करवाया । तत्पश्चात उन्होंने रसीले व्यंजनों से बच्चों के लिए जलपान आदि की व्यवस्था की । इसके बाद बच्चों ने छतबीड़ चिड़ियाघर, रॉक गार्डन, रोज गार्डन, सुखना झील आदि दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्तर- दक्षिण भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ चाइनीज व्यंजनों का भी लुफ्त उठाया।
