पहली बार 86 दिन एडवांस, सीबीएसई ने टाइम टेबल में रखा 5 बातों का ध्यान, होंगे 6 फायदे

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का इंतजार बुधवार, 20 नवंबर की रात खत्म हो गया जब सीबीएसई की डेटशीट जारी हुई। परीक्षा 15 फरवरी 2025 से 4 अप्रैल 2025 तक चलेगी। आप अब तक पूरा टाइम टेबल देख चुके होंगे। लेकिन क्या आपने उन बातों पर गौर किया जो सीबीएसई ने हाइलाइट किए हैं? बोर्ड ने बताया है कि इस डेटशीट में किन बातों का खास ख्याल रखा गया है और इससे स्टूडेंट्स समेत बाकी स्टेकहोल्डर्स को क्या-क्या फायदे होने वाले हैं।

CBSE 10th, 12th डेटशीट में 5 बातों का ध्यान

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन ने बताया है कि कक्षा 10, 12 की डेटशीट तैयार करते समय इन 5 बातों को ध्यान में रखा गया है-

  • दोनों कक्षाओं में एक छात्र द्वारा आमतौर पर लिए जाने वाले दो विषयों के बीच पर्याप्त अंतराल दिया गया है।
  • 40 हजार से ज्यादा सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन को ध्यान में रखते हुए डेटशीट तैयार की गई है। ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि एक स्टू़डेंट द्वारा प्रस्तावित दो विषयों की परीक्षएं एक ही तारीख पर न हो।
  • कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश परीक्षाओं की तिथियों को ध्यान में रखा गया है। साथ ही एंट्रेंस एग्जाम्स से काफी पहले परीक्षाएं पूरी करने की कोशिश की गई है।
  • मूल्यांकन के दौरान सभी विषयों के शिक्षक एक साथ और ज्यादा समय तक स्कूल से दूर नहीं रहेंगे।
  • परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से शुरू होंगी। ताकि ठंड के दिनों छात्रों को परेशानी न हो।

सीबीएसई बोर्ड डेटशीट के 6 फायदे

बोर्ड ने कहा है कि पहली बार परीक्षा शुरू होने से करीब 86 दिन पहले सीबीएसई डेटशीट 2025 जारी कर दी गई है। इसके अलावा अगर टाइमटेबल जारी होने की तारीख देखी जाए, तो पिछले साल के मुकाबले इस बार 23 दिन पहले डेटशीट आ गई है। बोर्ड का कहना है कि इससे ये 6 फायदे होंगे-

  • छात्र अपनी परीक्षा की तैयारी पहले से ही टाइम टेबल के अनुसार शुरू कर सकेंगे। इससे उन्हें बोर्ड एग्जाम की टेंशन से उबरने और परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद मिलेगी।
  • परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के परिवार और शिक्षक एग्जाम डेट और असेसमेंट शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए गर्मी की छुट्टियां प्लान कर सकेंगे।
  • टीचर्स लंबे समय तक अपने स्कूल से दूर नहीं रहेंगे। इससे बाकी क्लासेस की पढ़ाई भी बाधित नहीं होगी।
  • छात्रों द्वारा आमतौर पर दिए जाने वाले विषयों की दो परीक्षाओं के बीच दिया जाने वाला ब्रेक भी पर्याप्त रखा गया है। इससे डेटशीट में अगले सब्जेक्ट की तैयारी बेहतर करने में मदद मिलेगी।
  • स्कूल बोर्ड वाले क्लासेस के लिए अच्छी प्लानिंग बना सकेंगे।
  • परीक्षा केंद्र के रूप में तय किए गए स्कूलों के पास अपनी स्कूल एक्टिविटी प्लान करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
Paai Tv India
Author: Paai Tv India

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