भोजन न केवल हमारे शरीर को पोषण देता है, बल्कि विभिन्न बीमारियों से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. भोजन पर जीवन की निर्भरता ने इसे एक बहुआयामी इंडस्ट्री का रूप दे दिया है. आप अगर खाने से संबंधित विज्ञान में रुचि रखते हैं, तो फूड टेक्नोलॉजी में करिअर की बेहतरीन संभावनाएं तलाश सकते हैं.
भोजन हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके बिना कोई भी जीवित नहीं रह सकता. आज भोजन के पोषण व स्वाद को बढ़ाने
विभिन्न प्रकार के प्रयोग किए जा रहे हैं. खाद्य पदार्थों के साथ ये प्रयोग फूड टेक्नोलॉजी के तहत किए जाते हैं. विज्ञान की इस शाखा के अंतर्गत खाद्य पदार्थों के पोषक तत्वों को सुरक्षित रखने संबंधी रासायनिक प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है. इस टेक्नोलॉजी का प्रयोग खाद्य सामग्री की प्रोसेसिंग कर, उन्हें खराब होने से बचाने एवं बेहतर गुणवत्ता के साथ बाजार में उपलब्ध कराने के लिए भी किया जाता है.
विभिन्न क्षेत्रों में है अवसर
प्रवेश परीक्षाएं
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन के स्कोर से आप सरकारी संस्थानों के फूड टेक्नोलॉजी और बायो केमिकल साइंस के बीटेक डिग्री कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं. वहीं आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए आपको जेईई एडवांस परीक्षा पास करनी होगी. गेट एग्जाम के माध्यम से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरू समेत देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में फूड टेक्नोलॉजी के एमटेक प्रोग्राम में
इस क्षेत्र में करिअर बनाने के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव दाखिला मिलता है.
विज्ञान या गणित में 12वीं पास होना अनिवार्य है. इसके बाद फूड करिअर राहें हैं यहां
साइंस, केमिस्ट्री या माइक्रोबायोलॉजी में बैचलर डिग्री कोर्स कर सकते हैं. बैचलर डिग्री के बाद फूड केमिस्ट्री, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस और अन्य क्षेत्रों में एडवांस डिग्री ले सकते हैं. इसके अलावा डायटेटिक्स एंड न्यूट्रिशन और फूड साइंस एंड पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन में डिप्लोमा भी किया जा सकता है. फूड साइंस में स्नातक करने के बाद आप उच्च शिक्षा की ओर भी कदम बढ़ा सकते हैं.
फूड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं के लिए सरकारी व प्राइवेट दोनों ही सेक्टर्स में फूड प्रोसेसिंग कंपनियों, फूड रिसर्च लेबोरेटरी, होटल, रेस्टोरेंट आदि जगहों पर फूड टेक्नोलॉजिस्ट प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मैनेजर, रिसर्चर, क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर, लेबोरेटरी सुपरवाइजर, फूड पैकिंग मैनेजर, फूड प्रोसेसिंग टेक्नीशियन, बीआईएस एग्मार्क इंस्पेक्शन ऑफिसर, खाद्य इंस्पेक्टर आदि के रूप में कार्य के अवसर उपलब्ध हैं. पिछले कुछ वर्षों में फूड टेक्नोलॉजिस्ट के लिए टीचिंग में भी स्कोप बढ़ा है. इसके अतिरिक्त निम्न प्रोफेशनल्स की मांग भी इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है-
■ फूड ऑर्गेनिक केमिस्ट- यह फूड टेक्नोलॉजिस्ट उन तरीकों पर सलाह देते हैं, जिनके द्वारा रॉ मटेरियल्स को प्रोसेसिंग फूड में परिवर्तित किया जाता है.
■ बायोकेमिस्ट – इनका काम फ्लेवर, टेक्सचर, स्टोरेज और क्वालिटी में सुधार पर सुझाव देना है. होम इकोनॉमिस्ट- यह डायटेटिक्स साइंस और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट बन जाते हैं और कंटेनरों पर निर्देशों के अनुसार फूड और रेसिपी का टेस्ट करते हैं. ■ फूड इंजीनियर – इसका काम प्रोसेसिंग सिस्टम की प्लानिंग, डिजाइन, इम्प्रूविंग और मेंटेनेंस पर ध्यान देना है.
रिसर्च साइंटिस्ट – यह उपज में सुधार, फ्लेवर, न्यूट्रिटिव वैल्यू और पैकेज्ड फूड की जनरल एक्सेसिबिलिटी के संबंध में प्रयोग करते हैं.
■ मैनेजर एवं अकाउंटेंट – यह प्रोफेशनल्स प्रोसेसिंग वर्क की निगरानी के अलावा एडमिनिस्ट्रेशन और फाइनेंस की सुपरवाइजिंग करते हैं.
लेक्चरर एवं एडवाइजर – यह निरीक्षण कार्यों, सरकारी क्षेत्रों और विश्वविद्यालयों में कॉलेज लेक्चरर व एडवाइजर के रूप में काम करते हैं.
प्रमुख संस्थान
सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट, मैसूर नेशनल इंस्टीट्यूड ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रॉप प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी नेशनल एग्री-फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट, चंडीगढ़
■ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन, हैदराबाद एवं दिल्ली
- डिपार्टमेंट ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पांडिचेरी यूनिवर्सिटी
